मेरी तकिया भी बड़ी छुपा रुस्तम निकली …
रात भर मेरे आसुओं से भीगती रही …. सोचा सुबह उठ के उन्हे दिखाउंगी कितना दर्द है मुझे ,
लेकिन सुबह उठते ही वह सूखी , साफ -सुथरी मिली | @surbhisays
मेरी तकिया भी बड़ी छुपा रुस्तम निकली …
रात भर मेरे आसुओं से भीगती रही …. सोचा सुबह उठ के उन्हे दिखाउंगी कितना दर्द है मुझे ,
लेकिन सुबह उठते ही वह सूखी , साफ -सुथरी मिली | @surbhisays