नहीं समझी गई क्युकि वह ” मैं ” थी ….

नहीं अपनायी गई क्युकि वह “मैं ” थी …

नहीं मिला सहारा क्युकि वह ” मैं ” थी …

नहीं मिला प्यार क्युकि वह ” मैं ” थी…

मेरी गलती यह थी की वह ” मैं ” थी…

लेकिन मेरी ताकत यह थी की मैं , ” मैं ” ही रही …. “वो ” बनने की कोशिश नहीं की | @surbhisays

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