मुझे पता है क्या दर्द होता है बिछड़ने का …
वो दिल में ज़ोर का दवाब पढ़ना …
वो साँसों का उखड़ना …
वो आंसुओं का खेल …
बिछड़ना तो सबको एक दिन है… मना तो लिया ऐसे मन को…
लेकिन मन ने मेरे से पूछ लिया , “अगर बिछड़ना एक दिन सबको है , तो आज क्यू बिछड़ गए ?”…
तब लगा …जो आज ना रुक सका …उसका बिछड़ जाना ही ठीक है…..| @surbhisays