नहीं लड़ सकी तेज़ रफतार भरी दुनिया से …
पिछड़ गयी ….
आगे आयी भी तो कुचल के पीछे फेक दी गयी ..
मैं शान्त रही… सेह ले गई सब कुछ चुपचाप …
लेकिन कर्मा का पहिया ऐसा घूमा की
आज भी भीड़ में ही खड़ी हूँ लेकिन कोई छू नहीं पा रहा मुझे | @surbhisays
नहीं लड़ सकी तेज़ रफतार भरी दुनिया से …
पिछड़ गयी ….
आगे आयी भी तो कुचल के पीछे फेक दी गयी ..
मैं शान्त रही… सेह ले गई सब कुछ चुपचाप …
लेकिन कर्मा का पहिया ऐसा घूमा की
आज भी भीड़ में ही खड़ी हूँ लेकिन कोई छू नहीं पा रहा मुझे | @surbhisays