डूबता देख समंदर में मुझे ,
बचाया ना किसी ने ….
चीखे सुनते रहे सब मेरी ,
बचाया ना किसी ने….
मेरी किस्मत को दोष देते रहे ,
बचाया ना किसी ने….
तरस खाती लहरो ने मुझे ज़मीन तक छोड़ दिया….
जाते – जाते मेरे से कह के गयी ,
” सच्ची दोस्त तुम खुद हो अपनी , और कोई
नहीं |” @surbhisays