बहुत बारिश हुई थी आँखों के शहर में….

दिल तक भर उठा था….

आज ओस गिर रही है….

नम है , लेकिन हार नहीं माना है दिल…. क्यूंकि विश्वास कह रहा उससे की

“निष्ठावान धूप खिलेगी ज़रूर !! ” @surbhisays