खिलती धूप मे अन्धेरा पैर पसारे बैठा हुआ है…

कहता है” बड़ा अभिमान है इस धूप को , खिलने नहीं दूँगा !”

यही तो है इन “अँधेरी अमीरो ” की “गरीब धूप!! ” @surbhisays