नम आँखों से पेड़ के लहराते पत्तों को देखना ,
चिड़ियों की चहचहाहट कानों पर पड़ना ,
यूँ हवा का चेहरे पर मेहसूस होना ,
इस इन्तेज़ार में रहना की काश कोई आ के ज़ोर से गले लगा के कहदे की मैं साथ हूँ घबराओ नहीं कभी साथ नहीं छोड़ूंगा…
काफ़ी दर्द देता है…
क्यूँकी
ऐसा ना कोई कभी मिला है, ना शायद मिल पाए,
शयद मेरी ख्वाहिशों को पूरा होना नहीं पसंद! @surbhisays