अजीब सा दर्द है दिल में ,

घबराहट है , बेचैनी है,

बता नहीं सकते किसी को और दिल में बैठा नहीं सकते

बीच में ही अटकी है ,

आँसू की छलक थोड़ा कष्ट कम कर देती है

और इसी का सहारा लेने की अब आदत हो गई है ।

आँखों ने आज शिकायत करदी की अब बस अब नहीं सहा जाता आँसू का बोझ!

काश ये दर्द जल्दी ही थम जाए। @surbhisays

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