बारिश भी बेमिसाल है ,

लेकिन कुछ तो इसके मन में मलाल है ,

कि लाखों करोड़ों आँसुओं के नक़ाब बनने का क्यूँ है मुझ पर इल्ज़ाम ,

शीतलता देना मेरा काम , फिर क्यूँ हूँ मैं बदनाम सुबह ओ शाम ?

विभिन्न प्रशन्न उनके मन को निचोड़ेते है ,

अपने ज़ज्बात मेरे से जोड़ते है !

जज़्बातों का सैलाब ,

जुबान बेताब!

इकरार करने से डर है ,

छूट जाने का कहर है!

चलो मेरे जरिए दुख कम हो जाता है ,

दिल का ज़ख्म अल्प हो जाता है !

कसम खाता हूँ ,

गुरूर नहीं करूंगा अपनी वफ़ादारी का ,

बेपर्दा ना करूंगा आपकी खुद्दारी का । @surbhisays

किराएदार है ये जिंदगी ,

वसूली की कर रही बंदगी ,

पायी-पायी के हिसाब को कहती दिल्लगी ,

खोखला कर हो जाती इसकी रवानगी !

टूटती कराहती सासें ,

अपनी मौजूदगी की नुमाइश करती ,

सपना देखती , अंतिम यात्रा और अर्थी !

पसीना और डर का घूंट ,

जज़्बातों की हो गई लूट!

भावनाएं दाव पर लगी है ,

ना जाने क्यूँ उम्मीदें इन्तेज़ार पे लगी है !

ये सब होने के बाद , साँसों ने मान लिया ,

कि लोगों को फर्क़ नहीं पड़ता किसी के फ़िक्र का ,

दिलों का मिलना बस एक ज़िक्र था ! @surbhisays

जलता सूरज ,

बादलों संग छुपन छुपाई खेलता ,

मुझे देख पूछता ,

” तेरे आँसू की वजह मै हूँ या कोई और ? ”

नादानी मे पगला बहुत सच्ची बात पूछ गया !

कैसे बताऊँ उसे टूटती उम्मीदों की दास्तान ,

जो कर ना पाया ये दिल उसका भुगतान ,

पता ना था कि उजाला कर देगा हाल -ए -दिल का ऐलान ,

और ऐसे खोल देगा मेरे आँसुओं की पहचान । @surbhisays

एहसास था वो धोखा ज़रूर देंगे ,

लेकिन कहीं दिल से निकली आवाज़ कहती , वो वफा ज़रूर उड़ेलेंगे ,

हम इन्तेज़ार करते रहे उनकी दस्तक का ,

लेकिन वो कहते हम एक दिन ज़रूर मिलेंगे !

इन्तेज़ार मेरा खाली रह गया ,

ज़रूर मिलेंगे , ज़रूर मिलेंगे रह गया !

अकेले रहने की आदत को मन संभालेगा ,

संभालेगा, मजबूरी मान लेगा ,

मजबूरी मान लेगा , दिल संभालेगा

कि किसी को आदत ना बनाओ ,

अपने ज़ज्बात अपने दिल को सुनाओ ,

कोई किसी का होता नहीं ,

होता तो जज़्बातों को पैरों तले कुचलता नहीं ।@surbhisays

आदतें बेईमान है ,

कभी जिद्दी कभी शांत , बड़ी ही नादान है ,

कसमें, वादे तोड़ना इसका मान है ,

हिचकोले खाते प्यार को पिरोह के रखना इसका अभिमान है ,

अपनी लत में फ़साना, अकड़ में चलने वाले ये यजमान है ,

आदतें बेईमान है ,

कभी जिद्दी कभी शांत , बड़ी ही नादान है । @surbhisays

  • आज बहुत रोना आया ,

लेकिन आँसू चेहरे तक क्षलक ना पाया ,

धुंधली हो गई है नज़रें ,

लेकिन कसम से उसने चेहरे को मुस्कुराता ही पाया !

  • घबराता रहा दिल , आँसुओं की बोझ में दबे धड़कता रहा ,

लेकिन कसम से उसने चेहरे को मुस्कुराता ही पाया !

  • गुमसुम है जुबान , गले तक फँसी है भावना,

लेकिन कसम से उसने चेहरे को मुस्कराता ही पाया !

  • ऊपर नीचे होती साँसों ने बोलने पर ज़ोर लगाया,

लेकिन कसम से उसने चेहरे को मुस्कुराता ही पाया !

किसी ने पूछ ही लिया हमसे की कौन है “वो ” जिसने ये हाल बनाया?

हँस के हमने बता ही दिया… “वो” कोई नहीं हमारी “उम्मीदें” ही है जिसने ये हाल बनाया । @surbhisays

अजीब सा दर्द है दिल में ,

घबराहट है , बेचैनी है,

बता नहीं सकते किसी को और दिल में बैठा नहीं सकते

बीच में ही अटकी है ,

आँसू की छलक थोड़ा कष्ट कम कर देती है

और इसी का सहारा लेने की अब आदत हो गई है ।

आँखों ने आज शिकायत करदी की अब बस अब नहीं सहा जाता आँसू का बोझ!

काश ये दर्द जल्दी ही थम जाए। @surbhisays

क्यूँ ख्वाहिशें उभरती है और छूते ही टूट जाती है?

ख्वाहिशें भी कितनी मासूम होती है ,

पूरा होने की खुशी में ये ही भूल जाती है की आँख खुलते ही हकीकत का सामना हो जाएगा !

अपने आप को सपने में देख ऐसे खुश हो जाती है जैसे कोई बड़े पर्दे पर इसकी अभिनय किए चलचित्र चल रही हो!

इसकी इस मासूमियत पर तरस आ जाता है , की उसने तो सिर्फ पूरा होना ही सीखा है , टूटने पर कैसे प्रतिक्रिया की जाती है , यही नहीं मालूम!! @surbhisays

क्यूँ सुकून छीनती हो जिंदगी ,

क्यूँ लगाव में फसाती हो जिंदगी ,

कैद हूँ तेरी हथकड़ी में ,

साँसें भीख मांगती है अपनी आज़ादी के लिए

लेकिन तुम्हें परीक्षा लेने की आदत है ,

शिक्षक बनने का तुम्हें शौक है और परीक्षा लेना तुम्हारी फितरत..

खेल लो अपना यह शिक्षक विद्यार्थी का खेल ,

लेकिन ये ना भूलना की एक विद्यार्थी शिक्षक को हरा आगे निकल सकता है । @surbhisays

किसी का साथ छूट जाने का डर ,

अकेले हो जाने का डर ,

कुछ हो जाने का डर ,

कुछ खो जाने का डर ,

डर , डर , डर ….

पता नहीं कितना डरायेगा ये डर!

जिंदगी में अगर हर वक़्त किसी को खोने का खौफ लगा रहे तो समझ जाना की आप प्यार में काफी धोखा खाने के बाद भी प्यार पाने की हिम्मत रखते है। @surbhisays