अनंत है यह आसमाँ,
किधर दर्द साँझा करूँ?
हुई है नम आँखों की शीत प्रवाह,
बता किधर इस विरह की बौछार करूँ?
हुआ है घरौंदा तबाह मेरा ,
“तपिश की धारा” हृदय तेरा ,
बता इस नाइंसाफी का मैं क्या करूँ? @surbhisays
addiction
एक तरफ तू है ,
एक तरफ मै हूँ ,
एक ही दीवार के नीचे ,
सामने पड़ा गुलदस्ता
बेज़ारी का ,
सँवार रहा गुलदान ,
दिया है तूने हर बार ।
सींच रहे जबरन ,
अखिर दिया तो तूने ही है
तुम्हारी आदत
और मैं सिर्फ कहावत
खिले तन्हाई के गुल
जिधर भंवरे की गुनगुनाहट
देख तेरी मुस्कराहट ,
और मेरे दिल की घबराहट ,
कि क्यूँ ?
एक तरफ़ा रिश्ता प्रश्न चिन्ह लगा जाता ,
कि बिना आग उम्मीद इसे सुलगा जाता । @surbhisays
तैर रहे है सपने सुहाने , हवा में ,
किस्मत कहती पकड़ सको तो जाने !
बिखरते , टूटते , चारों ओर ,
आ गए नजरों की ओर ,
चुभा ऐसा , कोना-कोना
अंधकार जागा , आधा-पौना
अंधी आँखें , टूटा दिल ,
हँसते लोग , वाह! वाह ! इतने काबिल !
आत्मविश्वास दाव पर लगा है ,
किस्मत का ऐलान , ” यही तेरी सज़ा है ! “
अरे! गलती बिना सज़ा कैसे ?
सपने देखा… सब के जैसे !
बोली किस्मत,
“आयेगा वही पास जो सच्चा चाहता तेरा साथ,
समुंदर की नमकीन उम्मीदें , ना देती गिरते हलक को हाथ । ” @surbhisays
यूँ ना हवाले करो अपनी नजरों की गुफ़्तगू को ,
कि इल्ज़ाम हम पे लग जाए इश्क हो जाने का ,
घूँघट ओढ़े मुस्कान को ,
ऐसे न देखो ,
कि इल्ज़ाम हम पे लग जाए जज्बातों के ऐलान हो जाने का ,
लोग जो भी कहे , लेकिन
तेरे इस तीरंदाजी के खेल में जीतना ,
पता नहीं क्यूँ नजारा धुँधला कर देता है ,
इज़हार नहीं आता , बस कुछ गुमसुम एहसास है ,
एक तरफा ज़ज्बात है , लेकिन
इल्ज़ाम लग जाने का डर , पता नहीं क्यूँ अच्छा लगता है। @surbhisays
होता नहीं अपना कोई , सिर्फ कहने की बात है ,
साधारण को अपनाता न कोई , ऐसे ही हालात है ,
रात की आड़ में , आँखें दर्द कह लेती है ,
चीख-चीख कहती , ” यह जिंदगी बहुत दर्द देती है ”
गला घोंटता अकेलापन , बहुत दर्द देता है ,
ये हारा दिल , हर दिन ताने सेहता है
इस तरह आँसुओं का दर्द , मौन सा बहता है ,
बिखरा पड़ा है ज़ज्बात मेरा , साँसे भीख माँगती है ,
इन्तेज़ार है सिर्फ एक सम्मान का , मौत तक जिसे देख कांपती है । @surbhisays
दिल के घर में जगह बनाना कितना मुश्किल है ,
थोड़ा ठोस , थोड़ा स्थिर , लेकिन इरादा मुस्तक़िल है !
सामने हो के भी हिम्मत नहीं पड़ती बोलने की ,
शायद दिल समय लेता होगा इरादे , तोलने की !
थोड़ा कदम बढ़ाना होगा ,
रास्ता सुरंग है , खज़ाना ज़रूर होगा ,
पिघलना पड़ेगा इस उलझन भरी राह में ,
शायद यही प्यार का तीराह है !
परेशान ना हो ,
कठिनाई होना ज़रूरी है ,
प्यार पाना फितूरी है !
जीलो आज इस कष्ट में ,
कल होगा नाम तुम्हारा , प्यार के पृष्ठ में !
भविष्य सबका सुहाना है ,
बस अभी कुछ कष्ट को चुकाना है । @surbhisays
सोचा था हम खास बहुत होंगे ,
हमारी सादगी , वास्तविक रूप देख वो उल्लासित होंगे ,
सातवें आसमान पर तैर रही थी ,
लेकिन पता ना था कि धीरे-धीरे गैर हो रही थी !
हम सपने सुहाने भविष्य के सपने देख रहे थे ,
हर एक भावनायें , ज़ज्बात सेक रहे थे !
सोचा था एक दिन बात करते है ,
लेकिन ये सुन
वो हँसे ,
थोड़ा बरसे ,
अपने ज़ज्बात कसे ,
और इस तरह मेरे दिल से दग़ा, फरेबी की जड़े !
टूटा दिल मेरा , अकेलापन समेट रहा था ,
जकड़ कर उसे लपेट रहा था !
अब किसी पर विश्वास करने का मन नहीं करता ,
अंधविश्वास है ये प्यार अब जुड़ने का मन नहीं करता !
काश ये दर्द जल्दी कम हो जाए ,
प्यार से अब मेरे दिल की नजरबंदी हो जाए । @surbhisays
बारिश भी बेमिसाल है ,
लेकिन कुछ तो इसके मन में मलाल है ,
कि लाखों करोड़ों आँसुओं के नक़ाब बनने का क्यूँ है मुझ पर इल्ज़ाम ,
शीतलता देना मेरा काम , फिर क्यूँ हूँ मैं बदनाम सुबह ओ शाम ?
विभिन्न प्रशन्न उनके मन को निचोड़ेते है ,
अपने ज़ज्बात मेरे से जोड़ते है !
जज़्बातों का सैलाब ,
जुबान बेताब!
इकरार करने से डर है ,
छूट जाने का कहर है!
चलो मेरे जरिए दुख कम हो जाता है ,
दिल का ज़ख्म अल्प हो जाता है !
कसम खाता हूँ ,
गुरूर नहीं करूंगा अपनी वफ़ादारी का ,
बेपर्दा ना करूंगा आपकी खुद्दारी का । @surbhisays
आदतें बेईमान है ,
कभी जिद्दी कभी शांत , बड़ी ही नादान है ,
कसमें, वादे तोड़ना इसका मान है ,
हिचकोले खाते प्यार को पिरोह के रखना इसका अभिमान है ,
अपनी लत में फ़साना, अकड़ में चलने वाले ये यजमान है ,
आदतें बेईमान है ,
कभी जिद्दी कभी शांत , बड़ी ही नादान है । @surbhisays