Surbhi Says

@surbhisays

addiction

  • अनंत है यह आसमाँ,किधर दर्द साँझा करूँ?हुई है नम आँखों की शीत प्रवाह, बता किधर इस विरह की बौछार करूँ?हुआ है घरौंदा तबाह मेरा ,“तपिश की धारा” हृदय तेरा ,बता इस नाइंसाफी का मैं क्या करूँ? @surbhisays Read more

  • एक तरफ तू है , एक तरफ मै हूँ , एक ही दीवार के नीचे , सामने पड़ा गुलदस्ता बेज़ारी का , सँवार रहा गुलदान , दिया है तूने हर बार । सींच रहे जबरन , अखिर दिया तो तूने ही है तुम्हारी आदत और मैं सिर्फ कहावत खिले तन्हाई के गुल जिधर भंवरे की… Read more

  • तैर रहे है सपने सुहाने , हवा में , किस्मत कहती पकड़ सको तो जाने ! बिखरते , टूटते , चारों ओर , आ गए नजरों की ओर , चुभा ऐसा , कोना-कोना अंधकार जागा , आधा-पौना अंधी आँखें , टूटा दिल , हँसते लोग , वाह! वाह ! इतने काबिल ! आत्मविश्वास दाव पर… Read more

  • यूँ ना हवाले करो अपनी नजरों की गुफ़्तगू को , कि इल्ज़ाम हम पे लग जाए इश्क हो जाने का , घूँघट ओढ़े मुस्कान को , ऐसे न देखो , कि इल्ज़ाम हम पे लग जाए जज्बातों के ऐलान हो जाने का , लोग जो भी कहे , लेकिन तेरे इस तीरंदाजी के खेल में… Read more

  • होता नहीं अपना कोई , सिर्फ कहने की बात है , साधारण को अपनाता न कोई , ऐसे ही हालात है , रात की आड़ में , आँखें दर्द कह लेती है , चीख-चीख कहती , ” यह जिंदगी बहुत दर्द देती है ” गला घोंटता अकेलापन , बहुत दर्द देता है , ये हारा… Read more

  • दिल के घर में जगह बनाना कितना मुश्किल है , थोड़ा ठोस , थोड़ा स्थिर , लेकिन इरादा मुस्तक़िल है ! सामने हो के भी हिम्मत नहीं पड़ती बोलने की , शायद दिल समय लेता होगा इरादे , तोलने की ! थोड़ा कदम बढ़ाना होगा , रास्ता सुरंग है , खज़ाना ज़रूर होगा , पिघलना… Read more

  • सोचा था हम खास बहुत होंगे , हमारी सादगी , वास्तविक रूप देख वो उल्लासित होंगे , सातवें आसमान पर तैर रही थी , लेकिन पता ना था कि धीरे-धीरे गैर हो रही थी ! हम सपने सुहाने भविष्य के सपने देख रहे थे , हर एक भावनायें , ज़ज्बात सेक रहे थे ! सोचा… Read more

  • बारिश भी बेमिसाल है , लेकिन कुछ तो इसके मन में मलाल है , कि लाखों करोड़ों आँसुओं के नक़ाब बनने का क्यूँ है मुझ पर इल्ज़ाम , शीतलता देना मेरा काम , फिर क्यूँ हूँ मैं बदनाम सुबह ओ शाम ? विभिन्न प्रशन्न उनके मन को निचोड़ेते है , अपने ज़ज्बात मेरे से जोड़ते… Read more

  • आदतें बेईमान है , कभी जिद्दी कभी शांत , बड़ी ही नादान है , कसमें, वादे तोड़ना इसका मान है , हिचकोले खाते प्यार को पिरोह के रखना इसका अभिमान है , अपनी लत में फ़साना, अकड़ में चलने वाले ये यजमान है , आदतें बेईमान है , कभी जिद्दी कभी शांत , बड़ी ही… Read more