Surbhi Says

@surbhisays

career

  • ईमानदारी का ताज़ पहने , बिन गलतियों के धिक्कार सहते , मौन हो गई हूँ | जटिल है यह जीवन, जहाँ हर इंसान   , चुभा रहा कठोरता , आजीवन | फिर भी, मैदान-ए-जंग में निकल तो पड़े है , ना कोई सहारा, ना कोई संगी है। बस तेरी ही आस है,  हे ज़िंदगी ।… Read more

  • बड़ी हलचल है मंज़िलों में, जैसे खो गया है कारवाँ वो चकाचौंध होते साहिलों में घुटती कला ,जैसे एक से होते हज़ारवाँ। @surbhisays Read more