Surbhi Says

@surbhisays

facts

  • जब जिंदगी कोफ़्त बन जाती है , तब हम “मैं ही क्यूँ ” का सवाल पूछने लग जाते है| जीने की आशा ही मर सी जाती है | लोगो की सांतवाना बहुत बेबस मेहसूस कराती है, कि क्या हम इतने असहाय हो गए हैं कि खुद को संभाल नहीं सकते? जिंदगी बहुत क्रूर हो गई… Read more

  • ईमानदारी का ताज़ पहने , बिन गलतियों के धिक्कार सहते , मौन हो गई हूँ | जटिल है यह जीवन, जहाँ हर इंसान   , चुभा रहा कठोरता , आजीवन | फिर भी, मैदान-ए-जंग में निकल तो पड़े है , ना कोई सहारा, ना कोई संगी है। बस तेरी ही आस है,  हे ज़िंदगी ।… Read more

  • And in the whirlpool of sorrow , Dwells the brightest light Struggling and fighting, Battling to survive @surbhisays Read more

  • इन्तेज़ार है की कोई इस वास्तविकता को कबूल करे , की दिल की सुंदरता देखना प्रकृति का असूल है , चेहरा और शरीर तो बस जल्दबाजी का चारा है , बदलते ही सबने इसको नकारा है , दिल की सुंदरता किसी के मोहताज नहीं , सदेव एक जैसा रहना , इस पर उंगली उठाना ,… Read more