Surbhi Says

@surbhisays

independent

  • अपनी खुशी की दुनिया में मुझे घुमाया नहीं ,मेरे जज़्बातों को कभी अपनाया नहीं , तेरे दिल ने तारीफें कभी गिनाया नहीं ,मैं अकेली , तूने रिश्ता कभी निभाया नहीं ! रोती रही लेकिन हमने जताया भी नहीं ,कि एक जुड़ाव था , जो खो दिया , हँसता रहा तू , जरा सा पछताया भी… Read more

  • जाने के बाद , मुड़ के देखा ना कर , क्या पता ये भावनायें बेवफ़ा हो जाए ,मुड़ के वापस से बिनती में लग जाए । यूँ अपनी नजरों में इज्ज़त बनाना , थकान देती ,लेकिन जाने क्यूँ हर दिन पसीने की बूंद , मुस्कान देती  । ना देख मुड़ कर ,  क्या पता ये… Read more

  • क्या फायदा उम्मीद रखने से , जिधर सिर्फ शर्तें है , बनावटी से ! आँखें पस्त पड़ गई है , आँसुओं के बहाव से , तरस भी नहीं आता देख , इसके गिरते भाव से ! हर कोशिशें छोटी – छोटी , उम्मीदें मोटी – मोटी , कि शायद रिझा सके , सारी शर्तें सुलझा… Read more

  • अपने से नफ़रत का एहसास होना , हर पल घुटन की सास लेना , लोगों द्वारा शारीरिक सुंदरता के कदम छुना , और इस तरह आत्मविश्वास के पलकों का चूना , जीवन और मौत के रस्ते पर झूलने के बराबर है ! काश लोग एक बार दिल मे झाँक के देखते , की कैसे बसे… Read more

  • हर कोई किसी के करीब है , लेकिन फिर भी दिल गुमसुम , गरीब है ! ना जाने क्यों इज़हार करने से डरते है , या बेफजूल एक तरफा ज़ज्बात पकड़ते है ! आँखें नम और जुबान मौन है , क्यूँ ये ज़ज्बात- ए- लफ्ज़ पौन है ! शिकार है दिल प्यार नामक शिकारी का… Read more

  • एहसास था वो धोखा ज़रूर देंगे , लेकिन कहीं दिल से निकली आवाज़ कहती , वो वफा ज़रूर उड़ेलेंगे , हम इन्तेज़ार करते रहे उनकी दस्तक का , लेकिन वो कहते हम एक दिन ज़रूर मिलेंगे ! इन्तेज़ार मेरा खाली रह गया , ज़रूर मिलेंगे , ज़रूर मिलेंगे रह गया ! अकेले रहने की आदत… Read more