A heavy feel on breath..

A heavy feel on eyes..

A heavy feel on heart…

Body odours like a carcass..

Walking down the street..

Dehydrated!

A dead plant too needs water to gain life..

where’s the gardener? ( a help)

where’s the sunshine? ( a hope)

where’s the love? ( a motivation)

where’s life? ( water)

it was far far away!

FAITH. pursued!

and it rained !!

Back to life…

TRUST GOD , HE WILL NEVER UPSET YOU! @surbhisays

कष्ट का रास्ता ,

रास्ता कहाँ ? पगडंडी है काँटों सनी

वो कीड़े – मकोड़े , घनघोर अंधेरा ,

रोशनी निगल , अमावस्या घनी

मंज़िल का चौराहा ,

चौराहा कहाँ ? भ्रमण है उलझनों भरी

वो कांपते पाँव , बेचैनी अटकन ,

कुछ नहीं बस है ये सफलता की लड़ी । @surbhisays

And in the whirlpool of sorrow ,

Lives the brightest light ,

Struggling and fighting ,

Battling to survive…

And in the whirlpool of sorrow ,

Lives the highest climb

Curling and gruelling ,

Clashing to survive…

And in the whirlpool of sorrow ,

Lives the loudest screech

Unwinding and detaching ,

Conquering each. @surbhisays

फिर से वो जीत गये और मैं हार गयी !

कितनी खुशी की बात है ना तेरे लिए जिंदगी

देख ,

वो बचपन का अकेलापन , आज हमराह बन गया !

पस्त पड़ा आत्मविश्वास ,

धड़कने बदहवास ,

यूँ ज़ुबान मे नमकीन स्पर्श ,

धुंधला संदर्श

मेरी औकात बता गया !

सुन लो ऐ हमराह ,

अकेला होना अधूरा नहीं ,

परछाई का साथ ,बुरा नहीं

ये जीवन की सूनी पगडंडी

अनजान है ,

कि हर मोड़ की खंडी

को छांट

डर बेजान है। @surbhisays

हर साल  हर नर्म दास्तान ,

लिपटा है यादों में हर वो इंसान ,

जो छोड़ चला जाता , जज्बातों का चीड़ फाड़ ।

उम्मीदों के बावले इन्तेज़ार की औकात बता जाता ,
की क़र्ज़ हो तुम , मजबूरी चुकाता ।

देखो वो पड़े है मेरे नोचे हुए उम्मीदों के पंख ,
सियाही में डूबा हुआ ,
लिख रहे है दिल का छुआ…

इस उम्मीद में कि

पंख में फँसे बोझ कम हो जाएंगे
हिम्मत के धागे इसे वापस सिल पाएंगे। @surbhisays

होता नहीं अपना कोई , सिर्फ कहने की बात है ,

साधारण को अपनाता न कोई , ऐसे ही हालात है ,

रात की आड़ में , आँखें दर्द कह लेती है ,

चीख-चीख कहती , ” यह जिंदगी बहुत दर्द देती है ”

गला घोंटता अकेलापन , बहुत दर्द देता है ,

ये हारा दिल , हर दिन ताने सेहता है

इस तरह आँसुओं का दर्द , मौन सा बहता है ,

बिखरा पड़ा है ज़ज्बात मेरा , साँसे भीख माँगती है ,

इन्तेज़ार है सिर्फ एक सम्मान का , मौत तक जिसे देख कांपती है । @surbhisays

बरकरार उम्मीदें , निष्ठावान है ,

बेकरार मुरादें , ऊर्जावान है ,

हठीली , जिद्दी , भिन्न – भिन्न प्रश्न ,

अड़ियल , सिद्धि , उत्तर से पूर्व जश्न ,

कि

खाली हाथ ना लौटेंगे ,

निश्चय साथ परचम लूटेंगे !

ना , काश सुनाई नहीं देता ,

हाँ , प्रकाश , शहनाई दिखाई देता !

मैंने पूछा उम्मीद से , ” संदेह की सुगंध आती है!”

हँस कर बोला ,

“मुश्किल से जागा है हारा हुआ विश्वास ,

सर झुका के रहेगा ये संदेह , जिधर हो सकारात्मकता का वास।” @surbhisays