Surbhi Says

@surbhisays

life

  • वादे थे सबके साथ ना छोड़ने के , देखो आज आँसू ही हाल पूछते है , गूंजती धड़कने , सिसकती साँसें , देखो आज आँसू ही हाल पूछते है , जिसे चाहो , वही दूर हो जाता , और ऐसे मेरा आत्मविश्वास भी मुझसे कह जाता कि , “देखो आज आँसू ही हाल पूछते है… Read more

  • आँखों के तिनके इतने मशगूल थे कि नज़रें चार मुसलसल अश्क के नमकीन एहसास , इन्तेज़ार मुकम्मल कर गया । @surbhisays Read more

  • मुंतज़िर निगाहें , लेकिन दिलों में अफवाहें , कि मेरी दास्तान ए मोहब्बत , तेरे बेफिज़ुल मुड़ के देखने का अंजाम है। @surbhisays Read more

  • जुनून – ए इश्क की क़ैफ़ियत पूछो ना हमसे , कि मझधार फसी भावनाओं की कश्ती , ज़लालत में डूब गई ! @surbhisays Read more

  • इतना जुनूनी था प्यार मेरा कि , वफ़ादारी को गोद में पकड़े चलते रहे और तोलते रहे , ताकि उन्हें ढूँढ , दिखा सके और पूछ सके कि “यह वज़नी है या उनकी खूबसूरती !” @surbhisays Read more

  • तैर रहे है सपने सुहाने , हवा में , किस्मत कहती पकड़ सको तो जाने ! बिखरते , टूटते , चारों ओर , आ गए नजरों की ओर , चुभा ऐसा , कोना-कोना अंधकार जागा , आधा-पौना अंधी आँखें , टूटा दिल , हँसते लोग , वाह! वाह ! इतने काबिल ! आत्मविश्वास दाव पर… Read more

  • उधर लोगों की शर्तों में सूरत और सीरत , दौड़ पड़े है मैदान में , इधर दिल चुनाव किए इन्तेज़ार में कि कब वह शर्तों का खेल बंद करेंगे और हमें ऐसे ही अपना लेंगे । @surbhisays Read more

  • यूँ ना हवाले करो अपनी नजरों की गुफ़्तगू को , कि इल्ज़ाम हम पे लग जाए इश्क हो जाने का , घूँघट ओढ़े मुस्कान को , ऐसे न देखो , कि इल्ज़ाम हम पे लग जाए जज्बातों के ऐलान हो जाने का , लोग जो भी कहे , लेकिन तेरे इस तीरंदाजी के खेल में… Read more

  • I can never fit in a definition of “perfect girl , “ wanted to be but my “kismet” a twirl ! Why our life dependent on fate ? Stranded in its arm , no abate .. Everyone found their “perfect” perfectly bind. Am I invisible ? left behind ! Striving everyday …. hoping To accept… Read more

  • And this time again I am inches away , Tears , loneliness of which my heart weighs , Never knew growing up will be spine chilling , Where hatred , destestation hatches everyday killing ! What’s my mistake , my heart aches , Non – acceptance , mind quakes ! Why always me ? Am… Read more