Surbhi Says

@surbhisays

life

  • क्या फायदा उम्मीद रखने से , जिधर सिर्फ शर्तें है , बनावटी से ! आँखें पस्त पड़ गई है , आँसुओं के बहाव से , तरस भी नहीं आता देख , इसके गिरते भाव से ! हर कोशिशें छोटी – छोटी , उम्मीदें मोटी – मोटी , कि शायद रिझा सके , सारी शर्तें सुलझा… Read more

  • शौक रखते थे हम आँखों की सुंदरता देखना का , पलके झपकते ही इन्तेज़ार करते थे , चार होने की स्थिरता का ! आँखें कुछ तो कह रही थी , अंदर ही अंदर सह रही थी ! बेसब्री से इन्तेज़ार हो रहा था , “अनदेखी” औज़ार वार कर रहा था ! बिलख-बिलख कर रो रही… Read more

  • दिल के घर में जगह बनाना कितना मुश्किल है , थोड़ा ठोस , थोड़ा स्थिर , लेकिन इरादा मुस्तक़िल है ! सामने हो के भी हिम्मत नहीं पड़ती बोलने की , शायद दिल समय लेता होगा इरादे , तोलने की ! थोड़ा कदम बढ़ाना होगा , रास्ता सुरंग है , खज़ाना ज़रूर होगा , पिघलना… Read more

  • निरंतर प्रयास मे रहती भावनायें , बोलने के , लेकिन निगल के रह जाती घूँट डर के , डर इस बात का कि कहीं वो बुरा ना मान जाए , बुरा मान कहीं ख्वाब अधूरे ना कर जाए , ख्वाब अधूरे कर कहीं डर की जीत पूरी ना कर जाए ! समेट कर भावनायें दिल… Read more

  • अपने से नफ़रत का एहसास होना , हर पल घुटन की सास लेना , लोगों द्वारा शारीरिक सुंदरता के कदम छुना , और इस तरह आत्मविश्वास के पलकों का चूना , जीवन और मौत के रस्ते पर झूलने के बराबर है ! काश लोग एक बार दिल मे झाँक के देखते , की कैसे बसे… Read more

  • बहुत दर्द देता है ये अकेलापन , आँसुओं की लहर , गूँजता है ये खोखलापन ! चीख- चीख के आँखें कहती , कोई तो सुन लो मेरा दर्द , गुमसुम है , कपकपी है , बचालो इस , दिल का फ़र्द ! डरता है दिल साँझा करने से , क्या करे इतने धोखे बाद ,… Read more

  • बारिश भी बेमिसाल है , लेकिन कुछ तो इसके मन में मलाल है , कि लाखों करोड़ों आँसुओं के नक़ाब बनने का क्यूँ है मुझ पर इल्ज़ाम , शीतलता देना मेरा काम , फिर क्यूँ हूँ मैं बदनाम सुबह ओ शाम ? विभिन्न प्रशन्न उनके मन को निचोड़ेते है , अपने ज़ज्बात मेरे से जोड़ते… Read more

  • किराएदार है ये जिंदगी , वसूली की कर रही बंदगी , पायी-पायी के हिसाब को कहती दिल्लगी , खोखला कर हो जाती इसकी रवानगी ! टूटती कराहती सासें , अपनी मौजूदगी की नुमाइश करती , सपना देखती , अंतिम यात्रा और अर्थी ! पसीना और डर का घूंट , जज़्बातों की हो गई लूट! भावनाएं… Read more

  • आदतें बेईमान है , कभी जिद्दी कभी शांत , बड़ी ही नादान है , कसमें, वादे तोड़ना इसका मान है , हिचकोले खाते प्यार को पिरोह के रखना इसका अभिमान है , अपनी लत में फ़साना, अकड़ में चलने वाले ये यजमान है , आदतें बेईमान है , कभी जिद्दी कभी शांत , बड़ी ही… Read more

  • आज बहुत रोना आया , लेकिन आँसू चेहरे तक क्षलक ना पाया , धुंधली हो गई है नज़रें , लेकिन कसम से उसने चेहरे को मुस्कुराता ही पाया ! घबराता रहा दिल , आँसुओं की बोझ में दबे धड़कता रहा , लेकिन कसम से उसने चेहरे को मुस्कुराता ही पाया ! गुमसुम है जुबान ,… Read more