Surbhi Says

@surbhisays

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  • इतना जुनूनी था प्यार मेरा कि , वफ़ादारी को गोद में पकड़े चलते रहे और तोलते रहे , ताकि उन्हें ढूँढ , दिखा सके और पूछ सके कि “यह वज़नी है या उनकी खूबसूरती !” @surbhisays Read more

  • तैर रहे है सपने सुहाने , हवा में , किस्मत कहती पकड़ सको तो जाने ! बिखरते , टूटते , चारों ओर , आ गए नजरों की ओर , चुभा ऐसा , कोना-कोना अंधकार जागा , आधा-पौना अंधी आँखें , टूटा दिल , हँसते लोग , वाह! वाह ! इतने काबिल ! आत्मविश्वास दाव पर… Read more

  • उधर लोगों की शर्तों में सूरत और सीरत , दौड़ पड़े है मैदान में , इधर दिल चुनाव किए इन्तेज़ार में कि कब वह शर्तों का खेल बंद करेंगे और हमें ऐसे ही अपना लेंगे । @surbhisays Read more

  • खोखला कर रहा ये अकेलापन, घुट रहा , चीख रहा , ये अधूरापन ! सुनो ना , देखो ना… मेरी दस्तक अनसुनी क्यूँ है ? मैं अनदेखी , बाकी सबकी खुशियाँ दुगुनी चौगुनी क्यूँ है ? अंधेर बचपन …. डर का रास्ता था , आज अकेलापन … शायद यही वो दास्ताँ था , साथ की… Read more