Surbhi Says

@surbhisays

lost

  • अनंत है यह आसमाँ,किधर दर्द साँझा करूँ?हुई है नम आँखों की शीत प्रवाह, बता किधर इस विरह की बौछार करूँ?हुआ है घरौंदा तबाह मेरा ,“तपिश की धारा” हृदय तेरा ,बता इस नाइंसाफी का मैं क्या करूँ? @surbhisays Read more

  • शोर है , तेज़ सा , दिल घबरा रहा है , दूर है सब , परहेज सा , रोज़ जता रहा है। क्रोध है , पुकार सा , घायल कर रहा है , झाँकता ना तू एक बार , कायल कर , “कटाक्ष” रहा है । दर्द है , उफान सा , कैद कर रहा… Read more