Surbhi Says

@surbhisays

positive

  • मुंतज़िर निगाहें , लेकिन दिलों में अफवाहें , कि मेरी दास्तान ए मोहब्बत , तेरे बेफिज़ुल मुड़ के देखने का अंजाम है। @surbhisays Read more

  • तैर रहे है सपने सुहाने , हवा में , किस्मत कहती पकड़ सको तो जाने ! बिखरते , टूटते , चारों ओर , आ गए नजरों की ओर , चुभा ऐसा , कोना-कोना अंधकार जागा , आधा-पौना अंधी आँखें , टूटा दिल , हँसते लोग , वाह! वाह ! इतने काबिल ! आत्मविश्वास दाव पर… Read more

  • यूँ ना हवाले करो अपनी नजरों की गुफ़्तगू को , कि इल्ज़ाम हम पे लग जाए इश्क हो जाने का , घूँघट ओढ़े मुस्कान को , ऐसे न देखो , कि इल्ज़ाम हम पे लग जाए जज्बातों के ऐलान हो जाने का , लोग जो भी कहे , लेकिन तेरे इस तीरंदाजी के खेल में… Read more

  • चंदनिया तेरी आँख मिचौली , छुप क्यूँ रहा है वैसे ? बोला “मेरे माथे की मौलि , झुक कर देखा जाए कैसे? “ डर का पहरा तेरे चेहरे , “गिरता ताज ठिठोली के मोहरे !” गिर जाने दे , दो पल के प्रशंसक , अल्हड़ मन , होता हिंसक ! “वो देख दाग ,हँसी का… Read more

  • I can never fit in a definition of “perfect girl , “ wanted to be but my “kismet” a twirl ! Why our life dependent on fate ? Stranded in its arm , no abate .. Everyone found their “perfect” perfectly bind. Am I invisible ? left behind ! Striving everyday …. hoping To accept… Read more

  • अपनी खुशी की दुनिया में मुझे घुमाया नहीं ,मेरे जज़्बातों को कभी अपनाया नहीं , तेरे दिल ने तारीफें कभी गिनाया नहीं ,मैं अकेली , तूने रिश्ता कभी निभाया नहीं ! रोती रही लेकिन हमने जताया भी नहीं ,कि एक जुड़ाव था , जो खो दिया , हँसता रहा तू , जरा सा पछताया भी… Read more

  • जाने के बाद , मुड़ के देखा ना कर , क्या पता ये भावनायें बेवफ़ा हो जाए ,मुड़ के वापस से बिनती में लग जाए । यूँ अपनी नजरों में इज्ज़त बनाना , थकान देती ,लेकिन जाने क्यूँ हर दिन पसीने की बूंद , मुस्कान देती  । ना देख मुड़ कर ,  क्या पता ये… Read more

  • छुपा है दर्द आँखों में , लटकी हुई है भावनायें हर शाखों पे । घुटन का एहसास हर दिन मारता है , क्या करे ! हर बार हर दिल अपनाने से नकारता है ! ठोकर खा फिर भी ये आँखें मुस्कराती है , लेकिन आँसुओं का बोझ , चक्रवाती है ! झाँक रही है भावनाएं… Read more

  • बरकरार उम्मीदें , निष्ठावान है , बेकरार मुरादें , ऊर्जावान है , हठीली , जिद्दी , भिन्न – भिन्न प्रश्न , अड़ियल , सिद्धि , उत्तर से पूर्व जश्न , कि खाली हाथ ना लौटेंगे , निश्चय साथ परचम लूटेंगे ! ना , काश सुनाई नहीं देता , हाँ , प्रकाश , शहनाई दिखाई देता… Read more