Surbhi Says

@surbhisays

sadpoetry

  • खोखला कर रहा ये अकेलापन, घुट रहा , चीख रहा , ये अधूरापन ! सुनो ना , देखो ना… मेरी दस्तक अनसुनी क्यूँ है ? मैं अनदेखी , बाकी सबकी खुशियाँ दुगुनी चौगुनी क्यूँ है ? अंधेर बचपन …. डर का रास्ता था , आज अकेलापन … शायद यही वो दास्ताँ था , साथ की… Read more