trust
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यूँ ना हवाले करो अपनी नजरों की गुफ़्तगू को , कि इल्ज़ाम हम पे लग जाए इश्क हो जाने का , घूँघट ओढ़े मुस्कान को , ऐसे न देखो , कि इल्ज़ाम हम पे लग जाए जज्बातों के ऐलान हो जाने का , लोग जो भी कहे , लेकिन तेरे इस तीरंदाजी के खेल में… Read more
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And this time again I am inches away , Tears , loneliness of which my heart weighs , Never knew growing up will be spine chilling , Where hatred , destestation hatches everyday killing ! What’s my mistake , my heart aches , Non – acceptance , mind quakes ! Why always me ? Am… Read more
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होता नहीं अपना कोई , सिर्फ कहने की बात है , साधारण को अपनाता न कोई , ऐसे ही हालात है , रात की आड़ में , आँखें दर्द कह लेती है , चीख-चीख कहती , ” यह जिंदगी बहुत दर्द देती है ” गला घोंटता अकेलापन , बहुत दर्द देता है , ये हारा… Read more
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जाने के बाद , मुड़ के देखा ना कर , क्या पता ये भावनायें बेवफ़ा हो जाए ,मुड़ के वापस से बिनती में लग जाए । यूँ अपनी नजरों में इज्ज़त बनाना , थकान देती ,लेकिन जाने क्यूँ हर दिन पसीने की बूंद , मुस्कान देती । ना देख मुड़ कर , क्या पता ये… Read more
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टूटा था वो काँच आदतों का , तब छुपा ना था कोई ऐसा कोना, जिधर चुभा ना था , चाहतों का बोना , आँसुओं से लत पत , दौड़ता दर्द , घबराहट , उलझन , दुखों का ज़र्द । टूटा था वो काँच आदतों का तब छुपा ना था कोई ऐसा कोना , जो समझा… Read more
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बरकरार उम्मीदें , निष्ठावान है , बेकरार मुरादें , ऊर्जावान है , हठीली , जिद्दी , भिन्न – भिन्न प्रश्न , अड़ियल , सिद्धि , उत्तर से पूर्व जश्न , कि खाली हाथ ना लौटेंगे , निश्चय साथ परचम लूटेंगे ! ना , काश सुनाई नहीं देता , हाँ , प्रकाश , शहनाई दिखाई देता… Read more
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रुख़सत कर दिया लगाव की रियासत को , दहशत का उफान , अलगाव कर दिया इसकी सियासत को ! सुकून की खुशबू धुंध सी , जैसे मौसम बदल , चल देती हवा सर्द सी ! आज़ादी की कोशिश , पहचान बनाने की , लग गई भावना , मचान बनाने में , “लगाव मुक्ति ” की… Read more
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दिल के घर में जगह बनाना कितना मुश्किल है , थोड़ा ठोस , थोड़ा स्थिर , लेकिन इरादा मुस्तक़िल है ! सामने हो के भी हिम्मत नहीं पड़ती बोलने की , शायद दिल समय लेता होगा इरादे , तोलने की ! थोड़ा कदम बढ़ाना होगा , रास्ता सुरंग है , खज़ाना ज़रूर होगा , पिघलना… Read more
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बहुत दर्द देता है ये अकेलापन , आँसुओं की लहर , गूँजता है ये खोखलापन ! चीख- चीख के आँखें कहती , कोई तो सुन लो मेरा दर्द , गुमसुम है , कपकपी है , बचालो इस , दिल का फ़र्द ! डरता है दिल साँझा करने से , क्या करे इतने धोखे बाद ,… Read more
