Surbhi Says

@surbhisays

why

  • कल की गोधूलि बेला की “मैं” आज के भोर की “कौन ” हो गई , वो हँसती  खिलखिलाती हुई “मैं” आज उन आवाज़ो में मौन हो गई | @surbhisays Read more

  • अनंत है यह आसमाँ,किधर दर्द साँझा करूँ?हुई है नम आँखों की शीत प्रवाह, बता किधर इस विरह की बौछार करूँ?हुआ है घरौंदा तबाह मेरा ,“तपिश की धारा” हृदय तेरा ,बता इस नाइंसाफी का मैं क्या करूँ? @surbhisays Read more