देख लिया लोगों का “दबदबा” ,
देख लिया लोगों की झूठी “ऊंची पहचान”,
आज मुश्किल समय में सिर्फ साथ मांगा तो,उन्होंने पूछना ही बंद कर दिया !
बिनती है ,
कभी न बयान कर अपने गम,
हमारे दुख हमारे कर्म,
लोग दुख सुन कर फैसला कर देंगे,
लेकिन सुकून में रहना क्यूँकी,
वही बिगड़ता है तो वही संभालता है | surbhisays