emotions
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अब कोई हैरत नहीं होती, जब किस्मत मुख मोड़ती है,ज़िंदगी का बेरहम होना, तो अब रोज़ की बात लगती है। उदास नहीं हूँ मैं , बस अंदर से टूट गई हूँ,ज़िंदगी के इस अजीब खेल से, मैं बुरी तरह रूठ गई हूँ। जी रही हूँ मैं , बस जैसे-तैसे, ‘काश ऐसा होता, काश वैसा होता’,… Read more
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A heavy feel on breath.. A heavy feel on eyes.. A heavy feel on heart… Body odours like a carcass.. Walking down the street.. Dehydrated! A dead plant too needs water to gain life.. where’s the gardener? ( a help) where’s the sunshine? ( a hope) where’s the love? ( a motivation) where’s life? (… Read more
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अनंत है यह आसमाँ,किधर दर्द साँझा करूँ?हुई है नम आँखों की शीत प्रवाह, बता किधर इस विरह की बौछार करूँ?हुआ है घरौंदा तबाह मेरा ,“तपिश की धारा” हृदय तेरा ,बता इस नाइंसाफी का मैं क्या करूँ? @surbhisays Read more
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संघर्षो में गोते खाती जिंदगी, संतुलन बना रही है , जिद्दी हठी जूनूनी मेहनत , हर डर काट रही है , यह गुनगुनी धूप सेकती लहरें विश्वास दिला रही है , कि तपिश ही है जो साँस चला रही है । @surbhisays Read more
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क्यूँकी वो कहते है ना कि कुर्बानी ऐसी करो की पीछे मुड़ने में दर्द ना हो , यूँ उन जानी पहचानी जगहों के गुजरने पर धड़कने सर्द ना हो , दिखाई देती है ना वो गुफ़्तगू की झलकियाँ , आँसुओं से ऐसे मुक़म्मल करो की नजरे साफ , इज़हार-ए-मोहब्बत मे इसबार सुकून के पल ही… Read more
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मुलाकातें तो बहुत हुई है अधूरेपन से , लेकिन आज यह इतने पास ना जाने क्यूँ है ! एक अजीब सी उदासी , चेहरे पर ठहरी , पता नहीं क्यूँ है ! लोगों से दूर , सुनसान , फिर भी दिल में घमासान , ना जाने क्यूँ है ! बचपन का अकेलापन आज अभी तक… Read more
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बारिश की बौछार से भीगा हुआ मेरा दिल , धूप की गुनगुनाहट से ,सेंकता हुआ मेरा दिल , तेज़ हवाओं की थपेड़ों से चीरता हुआ मेरा दिल ,झुंझलाहट की मार से थका हुआ मेरा दिल , तेरे साथ होने के एहसास से ,सब सह लेना चाहता मेरा दिल , तेरी मोहब्बत से बुने घरौंदा से… Read more
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To a heart racing , are you still into trading ? Trading of those bloomy sentiments into attachments ? And profiting it into detachments ? – From a broke soul @surbhisays Read more
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And the plateaus of sigh , are growing high , With the meadows of happiness , thriving lifeless ! The dooming present , and persistant accentuating repent , strangulating the emotions ! The feels on edge , with no one to even pledge , Here’s the broke soul , summoning GOD to patch this hole… Read more
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एक तरफ तू है , एक तरफ मै हूँ , एक ही दीवार के नीचे , सामने पड़ा गुलदस्ता बेज़ारी का , सँवार रहा गुलदान , दिया है तूने हर बार । सींच रहे जबरन , अखिर दिया तो तूने ही है तुम्हारी आदत और मैं सिर्फ कहावत खिले तन्हाई के गुल जिधर भंवरे की… Read more
