नहीं है वजूद मेरा किसी के सामने ,
करीब हो के भी कोई ना आता यह हाथ थामने ,
देखो मुझे , मैं भी हूँ यही मौजूद ,
दिखती क्यूँ नहीं मैं , दस्तक के बावजूद ?
खास है ना सब , मेरे अलावा ..
अकेला ही रह गया मेरा बुलावा !
रोता है दिल मेरा , बिना शोर के ,
अफसोस , तयारी है तेरी परायी खुशी की , जोर शोर से ,
काश ! कोई मेहसूस कर सकता इस दर्द के बहाव को ,
तोड़ कर रोक पाता , मेरी इस उलझन के घेराव को । @surbhisays
