feelings
-
टूटा था वो काँच आदतों का , तब छुपा ना था कोई ऐसा कोना, जिधर चुभा ना था , चाहतों का बोना , आँसुओं से लत पत , दौड़ता दर्द , घबराहट , उलझन , दुखों का ज़र्द । टूटा था वो काँच आदतों का तब छुपा ना था कोई ऐसा कोना , जो समझा… Read more
-
And at the end of the day , I receive gifts , which life says you should never miss , Well packed and adorned , Excited , I glored .. I opened and… BOOM !! It was a packet full of doom .. I smiled with a blurry perception , Realizing , I was under… Read more
-
मुट्ठी बराबर दिल , भावनाओं का बिल , एहसासों का उतार चढ़ाव , प्यार का ठहराव बढ़ाव , उत्साहित मन , चेहरा सन्न , डर की लहर , तेज दौड़ती उम्मीदों की सहर , इज़हार का सुनहरा मौका , लेकिन आँसुओं में तैरती , नफ़रत की नौका ! पवित्रता का कत्ल , कोशिशें दफ़न !… Read more
-
छुपा है दर्द आँखों में , लटकी हुई है भावनायें हर शाखों पे । घुटन का एहसास हर दिन मारता है , क्या करे ! हर बार हर दिल अपनाने से नकारता है ! ठोकर खा फिर भी ये आँखें मुस्कराती है , लेकिन आँसुओं का बोझ , चक्रवाती है ! झाँक रही है भावनाएं… Read more
-
रुख़सत कर दिया लगाव की रियासत को , दहशत का उफान , अलगाव कर दिया इसकी सियासत को ! सुकून की खुशबू धुंध सी , जैसे मौसम बदल , चल देती हवा सर्द सी ! आज़ादी की कोशिश , पहचान बनाने की , लग गई भावना , मचान बनाने में , “लगाव मुक्ति ” की… Read more
-
क्या फायदा उम्मीद रखने से , जिधर सिर्फ शर्तें है , बनावटी से ! आँखें पस्त पड़ गई है , आँसुओं के बहाव से , तरस भी नहीं आता देख , इसके गिरते भाव से ! हर कोशिशें छोटी – छोटी , उम्मीदें मोटी – मोटी , कि शायद रिझा सके , सारी शर्तें सुलझा… Read more
-
शौक रखते थे हम आँखों की सुंदरता देखना का , पलके झपकते ही इन्तेज़ार करते थे , चार होने की स्थिरता का ! आँखें कुछ तो कह रही थी , अंदर ही अंदर सह रही थी ! बेसब्री से इन्तेज़ार हो रहा था , “अनदेखी” औज़ार वार कर रहा था ! बिलख-बिलख कर रो रही… Read more
-
दिल के घर में जगह बनाना कितना मुश्किल है , थोड़ा ठोस , थोड़ा स्थिर , लेकिन इरादा मुस्तक़िल है ! सामने हो के भी हिम्मत नहीं पड़ती बोलने की , शायद दिल समय लेता होगा इरादे , तोलने की ! थोड़ा कदम बढ़ाना होगा , रास्ता सुरंग है , खज़ाना ज़रूर होगा , पिघलना… Read more
-
निरंतर प्रयास मे रहती भावनायें , बोलने के , लेकिन निगल के रह जाती घूँट डर के , डर इस बात का कि कहीं वो बुरा ना मान जाए , बुरा मान कहीं ख्वाब अधूरे ना कर जाए , ख्वाब अधूरे कर कहीं डर की जीत पूरी ना कर जाए ! समेट कर भावनायें दिल… Read more
-
अपने से नफ़रत का एहसास होना , हर पल घुटन की सास लेना , लोगों द्वारा शारीरिक सुंदरता के कदम छुना , और इस तरह आत्मविश्वास के पलकों का चूना , जीवन और मौत के रस्ते पर झूलने के बराबर है ! काश लोग एक बार दिल मे झाँक के देखते , की कैसे बसे… Read more
