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जाने के बाद , मुड़ के देखा ना कर , क्या पता ये भावनायें बेवफ़ा हो जाए ,मुड़ के वापस से बिनती में लग जाए । यूँ अपनी नजरों में इज्ज़त बनाना , थकान देती ,लेकिन जाने क्यूँ हर दिन पसीने की बूंद , मुस्कान देती । ना देख मुड़ कर , क्या पता ये… Read more
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टूटा था वो काँच आदतों का , तब छुपा ना था कोई ऐसा कोना, जिधर चुभा ना था , चाहतों का बोना , आँसुओं से लत पत , दौड़ता दर्द , घबराहट , उलझन , दुखों का ज़र्द । टूटा था वो काँच आदतों का तब छुपा ना था कोई ऐसा कोना , जो समझा… Read more
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छुपा है दर्द आँखों में , लटकी हुई है भावनायें हर शाखों पे । घुटन का एहसास हर दिन मारता है , क्या करे ! हर बार हर दिल अपनाने से नकारता है ! ठोकर खा फिर भी ये आँखें मुस्कराती है , लेकिन आँसुओं का बोझ , चक्रवाती है ! झाँक रही है भावनाएं… Read more
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बरकरार उम्मीदें , निष्ठावान है , बेकरार मुरादें , ऊर्जावान है , हठीली , जिद्दी , भिन्न – भिन्न प्रश्न , अड़ियल , सिद्धि , उत्तर से पूर्व जश्न , कि खाली हाथ ना लौटेंगे , निश्चय साथ परचम लूटेंगे ! ना , काश सुनाई नहीं देता , हाँ , प्रकाश , शहनाई दिखाई देता… Read more
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रुख़सत कर दिया लगाव की रियासत को , दहशत का उफान , अलगाव कर दिया इसकी सियासत को ! सुकून की खुशबू धुंध सी , जैसे मौसम बदल , चल देती हवा सर्द सी ! आज़ादी की कोशिश , पहचान बनाने की , लग गई भावना , मचान बनाने में , “लगाव मुक्ति ” की… Read more
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क्या फायदा उम्मीद रखने से , जिधर सिर्फ शर्तें है , बनावटी से ! आँखें पस्त पड़ गई है , आँसुओं के बहाव से , तरस भी नहीं आता देख , इसके गिरते भाव से ! हर कोशिशें छोटी – छोटी , उम्मीदें मोटी – मोटी , कि शायद रिझा सके , सारी शर्तें सुलझा… Read more
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दिल के घर में जगह बनाना कितना मुश्किल है , थोड़ा ठोस , थोड़ा स्थिर , लेकिन इरादा मुस्तक़िल है ! सामने हो के भी हिम्मत नहीं पड़ती बोलने की , शायद दिल समय लेता होगा इरादे , तोलने की ! थोड़ा कदम बढ़ाना होगा , रास्ता सुरंग है , खज़ाना ज़रूर होगा , पिघलना… Read more
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अपने से नफ़रत का एहसास होना , हर पल घुटन की सास लेना , लोगों द्वारा शारीरिक सुंदरता के कदम छुना , और इस तरह आत्मविश्वास के पलकों का चूना , जीवन और मौत के रस्ते पर झूलने के बराबर है ! काश लोग एक बार दिल मे झाँक के देखते , की कैसे बसे… Read more
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सोचा था हम खास बहुत होंगे , हमारी सादगी , वास्तविक रूप देख वो उल्लासित होंगे , सातवें आसमान पर तैर रही थी , लेकिन पता ना था कि धीरे-धीरे गैर हो रही थी ! हम सपने सुहाने भविष्य के सपने देख रहे थे , हर एक भावनायें , ज़ज्बात सेक रहे थे ! सोचा… Read more
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हर कोई किसी के करीब है , लेकिन फिर भी दिल गुमसुम , गरीब है ! ना जाने क्यों इज़हार करने से डरते है , या बेफजूल एक तरफा ज़ज्बात पकड़ते है ! आँखें नम और जुबान मौन है , क्यूँ ये ज़ज्बात- ए- लफ्ज़ पौन है ! शिकार है दिल प्यार नामक शिकारी का… Read more
