Surbhi Says

@surbhisays

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  • बारिश भी बेमिसाल है , लेकिन कुछ तो इसके मन में मलाल है , कि लाखों करोड़ों आँसुओं के नक़ाब बनने का क्यूँ है मुझ पर इल्ज़ाम , शीतलता देना मेरा काम , फिर क्यूँ हूँ मैं बदनाम सुबह ओ शाम ? विभिन्न प्रशन्न उनके मन को निचोड़ेते है , अपने ज़ज्बात मेरे से जोड़ते… Read more

  • किराएदार है ये जिंदगी , वसूली की कर रही बंदगी , पायी-पायी के हिसाब को कहती दिल्लगी , खोखला कर हो जाती इसकी रवानगी ! टूटती कराहती सासें , अपनी मौजूदगी की नुमाइश करती , सपना देखती , अंतिम यात्रा और अर्थी ! पसीना और डर का घूंट , जज़्बातों की हो गई लूट! भावनाएं… Read more

  • एहसास था वो धोखा ज़रूर देंगे , लेकिन कहीं दिल से निकली आवाज़ कहती , वो वफा ज़रूर उड़ेलेंगे , हम इन्तेज़ार करते रहे उनकी दस्तक का , लेकिन वो कहते हम एक दिन ज़रूर मिलेंगे ! इन्तेज़ार मेरा खाली रह गया , ज़रूर मिलेंगे , ज़रूर मिलेंगे रह गया ! अकेले रहने की आदत… Read more

  • आदतें बेईमान है , कभी जिद्दी कभी शांत , बड़ी ही नादान है , कसमें, वादे तोड़ना इसका मान है , हिचकोले खाते प्यार को पिरोह के रखना इसका अभिमान है , अपनी लत में फ़साना, अकड़ में चलने वाले ये यजमान है , आदतें बेईमान है , कभी जिद्दी कभी शांत , बड़ी ही… Read more