strong
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हर साल हर नर्म दास्तान , लिपटा है यादों में हर वो इंसान , जो छोड़ चला जाता , जज्बातों का चीड़ फाड़ । उम्मीदों के बावले इन्तेज़ार की औकात बता जाता ,की क़र्ज़ हो तुम , मजबूरी चुकाता । देखो वो पड़े है मेरे नोचे हुए उम्मीदों के पंख ,सियाही में डूबा हुआ ,लिख… Read more
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तैर रहे है सपने सुहाने , हवा में , किस्मत कहती पकड़ सको तो जाने ! बिखरते , टूटते , चारों ओर , आ गए नजरों की ओर , चुभा ऐसा , कोना-कोना अंधकार जागा , आधा-पौना अंधी आँखें , टूटा दिल , हँसते लोग , वाह! वाह ! इतने काबिल ! आत्मविश्वास दाव पर… Read more
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उधर लोगों की शर्तों में सूरत और सीरत , दौड़ पड़े है मैदान में , इधर दिल चुनाव किए इन्तेज़ार में कि कब वह शर्तों का खेल बंद करेंगे और हमें ऐसे ही अपना लेंगे । @surbhisays Read more
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चंदनिया तेरी आँख मिचौली , छुप क्यूँ रहा है वैसे ? बोला “मेरे माथे की मौलि , झुक कर देखा जाए कैसे? “ डर का पहरा तेरे चेहरे , “गिरता ताज ठिठोली के मोहरे !” गिर जाने दे , दो पल के प्रशंसक , अल्हड़ मन , होता हिंसक ! “वो देख दाग ,हँसी का… Read more
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I can never fit in a definition of “perfect girl , “ wanted to be but my “kismet” a twirl ! Why our life dependent on fate ? Stranded in its arm , no abate .. Everyone found their “perfect” perfectly bind. Am I invisible ? left behind ! Striving everyday …. hoping To accept… Read more
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And this time again I am inches away , Tears , loneliness of which my heart weighs , Never knew growing up will be spine chilling , Where hatred , destestation hatches everyday killing ! What’s my mistake , my heart aches , Non – acceptance , mind quakes ! Why always me ? Am… Read more
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होता नहीं अपना कोई , सिर्फ कहने की बात है , साधारण को अपनाता न कोई , ऐसे ही हालात है , रात की आड़ में , आँखें दर्द कह लेती है , चीख-चीख कहती , ” यह जिंदगी बहुत दर्द देती है ” गला घोंटता अकेलापन , बहुत दर्द देता है , ये हारा… Read more
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जाने के बाद , मुड़ के देखा ना कर , क्या पता ये भावनायें बेवफ़ा हो जाए ,मुड़ के वापस से बिनती में लग जाए । यूँ अपनी नजरों में इज्ज़त बनाना , थकान देती ,लेकिन जाने क्यूँ हर दिन पसीने की बूंद , मुस्कान देती । ना देख मुड़ कर , क्या पता ये… Read more
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टूटा था वो काँच आदतों का , तब छुपा ना था कोई ऐसा कोना, जिधर चुभा ना था , चाहतों का बोना , आँसुओं से लत पत , दौड़ता दर्द , घबराहट , उलझन , दुखों का ज़र्द । टूटा था वो काँच आदतों का तब छुपा ना था कोई ऐसा कोना , जो समझा… Read more
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मुट्ठी बराबर दिल , भावनाओं का बिल , एहसासों का उतार चढ़ाव , प्यार का ठहराव बढ़ाव , उत्साहित मन , चेहरा सन्न , डर की लहर , तेज दौड़ती उम्मीदों की सहर , इज़हार का सुनहरा मौका , लेकिन आँसुओं में तैरती , नफ़रत की नौका ! पवित्रता का कत्ल , कोशिशें दफ़न !… Read more
