Surbhi Says

@surbhisays

strong

  • छुपा है दर्द आँखों में , लटकी हुई है भावनायें हर शाखों पे । घुटन का एहसास हर दिन मारता है , क्या करे ! हर बार हर दिल अपनाने से नकारता है ! ठोकर खा फिर भी ये आँखें मुस्कराती है , लेकिन आँसुओं का बोझ , चक्रवाती है ! झाँक रही है भावनाएं… Read more

  • बरकरार उम्मीदें , निष्ठावान है , बेकरार मुरादें , ऊर्जावान है , हठीली , जिद्दी , भिन्न – भिन्न प्रश्न , अड़ियल , सिद्धि , उत्तर से पूर्व जश्न , कि खाली हाथ ना लौटेंगे , निश्चय साथ परचम लूटेंगे ! ना , काश सुनाई नहीं देता , हाँ , प्रकाश , शहनाई दिखाई देता… Read more

  • रुख़सत कर दिया लगाव की रियासत को , दहशत का उफान , अलगाव कर दिया इसकी सियासत को ! सुकून की खुशबू धुंध सी , जैसे मौसम बदल , चल देती हवा सर्द सी ! आज़ादी की कोशिश , पहचान बनाने की , लग गई भावना , मचान बनाने में , “लगाव मुक्ति ” की… Read more

  • क्या फायदा उम्मीद रखने से , जिधर सिर्फ शर्तें है , बनावटी से ! आँखें पस्त पड़ गई है , आँसुओं के बहाव से , तरस भी नहीं आता देख , इसके गिरते भाव से ! हर कोशिशें छोटी – छोटी , उम्मीदें मोटी – मोटी , कि शायद रिझा सके , सारी शर्तें सुलझा… Read more

  • दिल के घर में जगह बनाना कितना मुश्किल है , थोड़ा ठोस , थोड़ा स्थिर , लेकिन इरादा मुस्तक़िल है ! सामने हो के भी हिम्मत नहीं पड़ती बोलने की , शायद दिल समय लेता होगा इरादे , तोलने की ! थोड़ा कदम बढ़ाना होगा , रास्ता सुरंग है , खज़ाना ज़रूर होगा , पिघलना… Read more

  • निरंतर प्रयास मे रहती भावनायें , बोलने के , लेकिन निगल के रह जाती घूँट डर के , डर इस बात का कि कहीं वो बुरा ना मान जाए , बुरा मान कहीं ख्वाब अधूरे ना कर जाए , ख्वाब अधूरे कर कहीं डर की जीत पूरी ना कर जाए ! समेट कर भावनायें दिल… Read more

  • अपने से नफ़रत का एहसास होना , हर पल घुटन की सास लेना , लोगों द्वारा शारीरिक सुंदरता के कदम छुना , और इस तरह आत्मविश्वास के पलकों का चूना , जीवन और मौत के रस्ते पर झूलने के बराबर है ! काश लोग एक बार दिल मे झाँक के देखते , की कैसे बसे… Read more

  • बहुत दर्द देता है ये अकेलापन , आँसुओं की लहर , गूँजता है ये खोखलापन ! चीख- चीख के आँखें कहती , कोई तो सुन लो मेरा दर्द , गुमसुम है , कपकपी है , बचालो इस , दिल का फ़र्द ! डरता है दिल साँझा करने से , क्या करे इतने धोखे बाद ,… Read more

  • एहसास था वो धोखा ज़रूर देंगे , लेकिन कहीं दिल से निकली आवाज़ कहती , वो वफा ज़रूर उड़ेलेंगे , हम इन्तेज़ार करते रहे उनकी दस्तक का , लेकिन वो कहते हम एक दिन ज़रूर मिलेंगे ! इन्तेज़ार मेरा खाली रह गया , ज़रूर मिलेंगे , ज़रूर मिलेंगे रह गया ! अकेले रहने की आदत… Read more