अपने से नफ़रत का एहसास होना ,
हर पल घुटन की सास लेना ,
लोगों द्वारा शारीरिक सुंदरता के कदम छुना ,
और इस तरह आत्मविश्वास के पलकों का चूना ,
जीवन और मौत के रस्ते पर झूलने के बराबर है !
काश लोग एक बार दिल मे झाँक के देखते ,
की कैसे बसे है इसमें लोगों द्वारा दिए गए बेज्जती के राख के टुकड़े ,
प्रेम का स्पर्श चाहता है ,
अपनी सिर्फ अपनी ही सुंदरता के आदर्श पर रहता है ,
इन्तेज़ार है उसे की कोई इस वास्तविकता को कबूल करे ,
की दिल की सुंदरता देखना प्रकृति का असूल है ,
चेहरा और शरीर तो बस जल्दबाजी का चारा है ,
बदलते ही सबने इसको नकारा है ,
दिल की सुंदरता किसी के मोहताज नहीं ,
सदेव एक जैसा रहना , इस पर उंगली उठाना , ऐसे किसी की औकात नहीं । @surbhisays