• आज बहुत रोना आया ,

लेकिन आँसू चेहरे तक क्षलक ना पाया ,

धुंधली हो गई है नज़रें ,

लेकिन कसम से उसने चेहरे को मुस्कुराता ही पाया !

  • घबराता रहा दिल , आँसुओं की बोझ में दबे धड़कता रहा ,

लेकिन कसम से उसने चेहरे को मुस्कुराता ही पाया !

  • गुमसुम है जुबान , गले तक फँसी है भावना,

लेकिन कसम से उसने चेहरे को मुस्कराता ही पाया !

  • ऊपर नीचे होती साँसों ने बोलने पर ज़ोर लगाया,

लेकिन कसम से उसने चेहरे को मुस्कुराता ही पाया !

किसी ने पूछ ही लिया हमसे की कौन है “वो ” जिसने ये हाल बनाया?

हँस के हमने बता ही दिया… “वो” कोई नहीं हमारी “उम्मीदें” ही है जिसने ये हाल बनाया । @surbhisays

2 comments

  1. A's avatar
    A · February 27, 2021

    Bhout khoob!

    Liked by 1 person

Leave a comment