- आज बहुत रोना आया ,
लेकिन आँसू चेहरे तक क्षलक ना पाया ,
धुंधली हो गई है नज़रें ,
लेकिन कसम से उसने चेहरे को मुस्कुराता ही पाया !
- घबराता रहा दिल , आँसुओं की बोझ में दबे धड़कता रहा ,
लेकिन कसम से उसने चेहरे को मुस्कुराता ही पाया !
- गुमसुम है जुबान , गले तक फँसी है भावना,
लेकिन कसम से उसने चेहरे को मुस्कराता ही पाया !
- ऊपर नीचे होती साँसों ने बोलने पर ज़ोर लगाया,
लेकिन कसम से उसने चेहरे को मुस्कुराता ही पाया !
किसी ने पूछ ही लिया हमसे की कौन है “वो ” जिसने ये हाल बनाया?
हँस के हमने बता ही दिया… “वो” कोई नहीं हमारी “उम्मीदें” ही है जिसने ये हाल बनाया । @surbhisays
Bhout khoob!
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धन्यवाद 🙏
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